एक प्यास आसमां की है
जो बंधनों के है परे
स्वछंद बादलों के पार
अनंत आत्मा उड़े

एक आस है ज़मीं की भी
पहाड़ो, पेड़ो, बेलों की
उन्माद, नृत्य, गीत की
प्रियजनों के मेलों की

ज़मीं और आसमां के बीच
हैं आस और भी कई
बुझी सी कुछ पुरानी प्यास
हैं आस कुछ नई नई

है एक आस और भी
जलाती है जो श्वास श्वास
स्वयं से भी अव्यक्त सी
वो एक आस, एक प्यास