तेरा ग़म
मेरा ग़म
किसका ज्यादा
कितना कम
तेरे दर्द
मेरे आँसू
गहरे दोनों
छिछला कौन
सूनी आँखे
बंजर यादें
क्यों सूखी
कैसे नम
तेरी हँसी
मेरी ख़ुशी
तौल रहे
हम हरदम