अक्सर ही होती है
बारिश यहाँ पर
अक्सर भीगी होती है
बूंदों से धरती
यूँ बारिश में जादू
हमेशा है होता
समय बाद देखी
मगर ऐसी बारिश
समय बाद उमड़ी है
मिट्टी से खुशबू
ये खुशबू है जैसे
मेरी माँ का आँचल
लपेटूँ मैं इसमें
मेरा तन, मेरा मन
शीशियों में भर लूँ
क्यूँकर मैं इसको
बादलों के उस पार
ले जाऊँ कैसे…